
जयपुर। राजस्थान के सहकारिता क्षेत्र में अपनी लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में आज एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्रीमान गौतम कुमार दक से शिष्टाचार मुलाकात की और ‘व्यवस्थापक कैडर’ लागू करने के संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख मांगें और चर्चा
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राजस्थान सहकारी सोसायटी कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष एवं संघर्ष समिति के संयोजक ने किया। मुलाकात के दौरान मंत्री महोदय को निम्नलिखित बिंदुओं से अवगत कराया गया:
सेवा सुरक्षा: ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS/LAMPS) के सुचारू संचालन के लिए व्यवस्थापकों को कैडर का लाभ मिलना अनिवार्य है।
उचित वेतनमान: कैडर लागू होने से कर्मचारियों को एक निश्चित और सम्मानजनक वेतनमान प्राप्त हो सकेगा।
सहकारिता की मजबूती: कर्मचारियों ने तर्क दिया कि सेवा शर्तों में सुधार से प्रदेश का सहकारिता आंदोलन और अधिक सशक्त होगा।
मंत्री का आश्वासन: सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाते हुए उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
आंदोलन की चेतावनी: 27 फरवरी से कार्य बहिष्कार
ज्ञापन के माध्यम से समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो 27 फरवरी 2026 से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
रणनीति के मुख्य बिंदु:
दिनांक 27.02.2026: पूरे राजस्थान में एक साथ प्रदर्शन।
ज्ञापन अभियान: प्रदेश के सभी जिलों में उप रजिस्ट्रार (DR) एवं केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) के प्रबंध निदेशकों को एक ही दिन ज्ञापन सौंपा जाएगा।




