वेतन संकट पर टकराव तेज, संघर्ष समिति सख्त, सरकार पर बढ़ा दबाव

सिरोही। (राजेंद्र खिची) सहकारी क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन मुद्दे पर चल रही रस्साकशी के बीच बुधवार को विभाग और संयुक्त संघर्ष समिति के तीनों संयोजकों के बीच हुई वार्ता सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, लेकिन समाधान अभी भी अधर में है। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीसीबी और अपेक्स बैंक कर्मचारियों को वेतन भुगतान के लिए तैयार हैं, परंतु इसके लिए राज्य सरकार की भागीदारी से संबंधित औपचारिक आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार सरकार ने फिलहाल कुछ समय की मांग की, लेकिन संयुक्त संघर्ष समिति ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। समिति के संयोजकों ने दो टूक कहा कि जब तक मांगों का ठोस और लिखित समाधान नहीं होता, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इस रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र हो सकता है।
संघर्ष समिति ने प्रदेशभर के सहकारी कर्मचारियों से एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया है। कर्मचारियों को संदेश दिया गया है कि वे किसी भी परिस्थिति में हतोत्साहित न हों, बल्कि संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहें। समिति का कहना है कि यह संघर्ष अब एक व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है और इसका असर पूरे राजस्थान में दिखाई दे रहा है।
जिला अध्यक्ष सिरोही, संयुक्त संघर्ष समिति के जसवंत सिंह राणावत ने कहा कि यह केवल वेतन का मुद्दा नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने सभी साथियों से आह्वान किया कि वे कंधे से कंधा मिलाकर इस आंदोलन को सफल बनाएं और जरूरत पड़ने पर पूर्ण तालाबंदी के लिए भी तैयार रहें।
संघर्ष के इस निर्णायक मोड़ पर अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो सहकारी क्षेत्र में कामकाज पूरी तरह ठप होने की आशंका जताई जा रही है।




