राजस्थान में 500 करोड़ का बड़ा निवेश, नई इंडस्ट्रियल पार्क पॉलिसी 2026 को कैबिनेट की मंजूरी

Rajasthan News: राजस्थान सरकार आत्मनिर्भर भारत के तहत मूल्य संवर्धन पर केंद्रित है. 500 करोड़ रुपये के निवेश से लौह अयस्क को स्टील में बदलने का प्लांट लगेगा, 550 युवाओं को रोजगार मिलेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को साकार करने की दिशा में राजस्थान सरकार ने कई बड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए हैं. कच्चे माल के निर्यात के बजाय राज्य में ही ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन) करने की नई रणनीति के तहत राजस्थान कैबिनेट ने तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य को अब ‘इन्वेस्टर लैंड रेडी स्टेट’ (Investor Land Ready State) के रूप में विकसित किया जा रहा है.
कैबिनेट द्वारा लिए गए तीन प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:
1. लौह अयस्क (Iron Ore) से स्टील बनाने के लिए ₹500 करोड़ का निवेश
- कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि आयरन ओर को कच्चे रूप में राज्य से बाहर भेजने के बजाय, अब राजस्थान में ही इसकी प्रोसेसिंग कर इसे स्टील में बदला जाएगा. इसके लिए:
- 500 करोड़ रुपये का निवेश: एक कंपनी इस प्रोजेक्ट के लिए आगे आई है, जिसे 53 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है (यह भूमि DLC दर से दोगुनी कीमत पर दी जाएगी).
- उत्पादन और रोजगार: इस प्लांट में प्रतिवर्ष 1.5 मिलियन मीट्रिक टन आयरन ओर का उत्पादन और प्रोसेसिंग होगी. इससे सीधे तौर पर 550 युवाओं को रोजगार मिलेगा और कई सहायक (Ancillary) यूनिट्स भी विकसित होंगी.
- तकनीक: यह प्लांट ‘बेनिफिकेशन’ और ‘पैलेटाइजेशन’ तकनीक पर आधारित होगा, जिससे लौह अयस्क की गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों बढ़ेंगे. इससे राज्य का GST राजस्व भी बढ़ेगा.
2. बिना सरकारी खर्च के बनेगा 5815 करोड़ रुपये का ‘मंडपम प्रोजेक्ट’
कैबिनेट का दूसरा बड़ा फैसला राजधानी जयपुर में टोंक रोड पर बी-2 बायपास (एयरपोर्ट के पास) प्रस्तावित ‘मंडपम प्रोजेक्ट’ को लेकर है:
- जीरो वित्तीय भार: पहले इस प्रोजेक्ट की लागत 3055 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिसमें सरकार पर ₹635 करोड़ का घाटा आ रहा था. अब इसके मॉडल में सुधार कर लागत 5815 करोड़ रुपये और अनुमानित राजस्व 5825 करोड़ रुपये तय किया गया है. यानी अब यह पूरी तरह से ‘सेल्फ-सस्टेनिंग’ (आत्मनिर्भर) प्रोजेक्ट होगा और राज्य सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा, बल्कि ₹10 करोड़ का अतिरिक्त लाभ होगा.
- मिलेगा ग्लोबल मंच: इस विश्वस्तरीय सुविधा से बड़े वैश्विक कॉर्पोरेट कार्यक्रम, इन्वेस्टर समिट और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) प्रदेश में आएंगे. इससे इंजीनियरिंग, IT, AI और डेटा एनालिटिक्स से जुड़े युवाओं के लिए अपार अवसर पैदा होंगे.
3. ‘राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी 2026’ को मंजूरी
निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिसमें 4 नए मॉडल पेश किए गए हैं:
- पहले मॉडल में पूरी जमीन रीको (RIICO) देगा. दूसरे में 80% जमीन डेवलपर की और 20% रीको की होगी. तीसरे में 100% जमीन डेवलपर की होगी और चौथा मॉडल PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) पर आधारित होगा.
- 50 एकड़ पर मिलेगी भारी सब्सिडी: न्यूनतम 50 एकड़ में इंडस्ट्रियल पार्क लगाने वाले पहले 10 डेवलपर्स को सरकार 20% कैपिटल सब्सिडी (पूंजीगत अनुदान) देगी.
- सब्सिडी का गणित: 100 करोड़ रुपये के निवेश पर 20 करोड़ रुपये, 100 रुपये से 250 करोड़ रुपये पर 30 करोड़ रुपये और 250 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर अधिकतम 40 करोड़ रुपये तक की सरकारी सहायता मिलेगी.
- बुनियादी सुविधाएं: पार्क की सीमा तक सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं सरकार मुफ्त उपलब्ध कराएगी.
मंत्री राठौड़ ने बताया कि पारदर्शी निवेश के लिए अब भूमि का पूरा विवरण ‘राजनिवेश पोर्टल’ (Raj Nivesh Portal) पर ऑनलाइन उपलब्ध होगा. इन फैसलों से राजस्थान में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को एक नई रफ्तार मिलेगी.




