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सहकारी कर्मचारियों में भारी रोष: वायदा खिलाफी के खिलाफ फिर फूंका आंदोलन का बिगुल

सहकार कर्मचारी लड़ रहे बार-बार अपने हक की लड़ाई

भीलवाड़ा | राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने अपनी लंबित न्यायोचित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार और विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समिति ने विभाग पर ‘प्रशासनिक शिथिलता’ और ‘वायदा खिलाफी’ का आरोप लगाते हुए आंदोलन की नई रूपरेखा तैयार कर ली है।

ठोस आदेशों का अभाव : आश्वासन बने

केवल कागजी समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि अगस्त 2025 में प्रेषित मांग पत्र पर प्रभावी कार्यवाही न होने के बाद विधिक नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद विभाग के साथ हुई विभिन्न वार्ताओं (सितंबर और अक्टूबर 2025) में ‘कैडर अथॉरिटी’ के गठन और अन्य मांगों पर ठोस आश्वासन दिए गए थे। इन आश्वासनों और किसान हितों को ध्यान में रखते हुए समिति ने अपने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से दिसंबर 2025 तक स्थगित रखा था। कर्मचारियों में गहराता आक्रोश संघर्ष समिति का कहना है कि कैडर अथॉरिटी के प्रारूप पर सुझाव देने के बावजूद विभाग केवल कागजी औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। धरातल पर अब तक कोई ठोस आदेश प्रसारित नहीं हुआ है। विभाग की इस कार्यशैली से प्रदेश भर के सहकारी कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।

आंदोलन की नई रूपरेखा तैयार

प्रशासनिक शिथिलता से नाराज संघर्ष समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अब लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को पुनः शुरू किया जाएगा। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते मांगों पर लिखित और ठोस आदेश जारी नहीं किए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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